आइसोडोम: इंसुलेटेड कंक्रीट फॉर्मवर्क से निर्माण में क्रांति
हाल ही में लंदन बिल्ड 2025 में, आइसोडोम कंपनी ने अपने इंसुलेटेड कंक्रीट फॉर्मवर्क (ICF) तकनीक का प्रदर्शन किया, जिसने निर्माण उद्योग में तेजी और ऊर्जा दक्षता के नए मानकों को स्थापित किया है। आइसोडोम के सीईओ और मालिक के अनुसार, यह तकनीक कंक्रीट डालने के लिए इंसुलेटेड फॉर्म का उपयोग करती है, जिससे निर्माण की गति तीन गुना तक बढ़ जाती है।
ICF तकनीक न केवल गति बढ़ाती है, बल्कि ऊर्जा कुशल इमारतों के निर्माण में भी सहायक है। यह तकनीक घरों और इमारतों के लिए ऊर्जा की मांग को 90% तक कम कर सकती है, जिससे हीटिंग और कूलिंग पर खर्च लगभग शून्य हो जाता है।
आइसोडोम 35 वर्षों से ICF तकनीक का निर्माण कर रहा है और वर्तमान में न्यूजीलैंड से लेकर संयुक्त अरब अमीरात और यूरोपीय देशों तक 42 देशों में अपने उत्पादों का वितरण करता है। दुनिया भर में इस तकनीक से 30,000 इमारतें बनाई जा चुकी हैं, जो इसकी लोकप्रियता और प्रभावशीलता का प्रमाण है। यह तकनीक निर्माण उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखती है, जिससे तेजी से, किफायती और ऊर्जा कुशल इमारतों का निर्माण संभव हो सकेगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कंक्रीट दुनिया में सबसे व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्री है, और यह तकनीक इसके उपयोग को और अधिक टिकाऊ बनाने में मदद कर सकती है।
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